आयुर्वेद सिर्फ इलाज का तरीका नहीं है, यह एक ऐसा विज्ञान है जो हमें बताता है कि कैसे जिया जाए ताकि हम लंबा, स्वस्थ और संतुलित जीवन जी सकें. इसमें यह माना गया है कि दिनभर की कुछ साधारण आदतें अगर ठीक समय पर और सही तरीके से अपनाई जाएं, तो शरीर और मन दोनों तंदुरुस्त बने रहते हैं. यहां हम नौ ऐसी आदतें जानेंगे CPU-PSI सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन, योग एंड संस्कार के डायरेक्टर (मानद), प्रो. राम अवतार से जिन्हें आयुर्वेद ने हमेशा जरूरी माना है और जिन्हें अपनाकर जीवन की क्वालिटी को बेहतर बनाया जा सकता है.
आयुर्वेद के अनुसार 9 अच्छी आदतें
1. सूरज के साथ उठना:
सुबह जल्दी उठना यानी सूरज निकलने से पहले उठना शरीर को तरोताजा करता है और दिमाग को शांत रखता है.
2. खाली पेट गुनगुना पानी पीना:
सुबह उठकर सबसे पहले गुनगुना पानी पीने से शरीर के अंदर जमा गंदगी बाहर निकलती है और पाचन तंत्र सक्रिय होता है.
3. समय पर मल त्याग करना:
हर सुबह नियमित समय पर पेट साफ होना जरूरी है. इससे शरीर हल्का रहता है और दिनभर स्फूर्ति बनी रहती है.
4. ताजे और हल्के भोजन को प्राथमिकता देना:
जितना हो सके घर का बना ताजा, गर्म और हल्का खाना खाना चाहिए. बासी, पैक्ड या ज्यादा तला-भुना खाने से बचें.
5. दोपहर का भोजन दिन का मुख्य भोजन होना चाहिए:
दोपहर का वक्त पाचन के लिए सबसे अच्छा माना गया है क्योंकि उस समय शरीर की अग्नि यानी पाचन क्षमता सबसे ज्यादा सक्रिय होती है.
6. रात का खाना जल्दी और हल्का हो:
रात को सूरज ढलने के बाद शरीर की ऊर्जा धीमी हो जाती है, इसलिए रात का भोजन जल्दी और हल्का लेना चाहिए.